कृष्ण कहो या राम कहो रघुनंदन घनश्याम कहो - भजन (Krishna Kaho Ya Ram Kaho Lyrics)
कृष्ण कहो या राम कहो,
रघुनंदन घनश्याम कहो
नारायण के रूप है दोनों,
चाहे कोई नाम कहो।।
कृष्ण के अधर मुरलिया साजे,
राम अधर मुस्कान,
कृष्ण के हाथों शंख सुदर्शन,
राम धनुष और बाण,
प्रेम और बल का संगम दोनों,
हाथ जोड़ प्रणाम कहो।।
राम सिखाए मर्यादा और,
कृष्ण कर्म का ज्ञान,
राम पतित पावन कहलाते,
कृष्ण प्रेम की खान,
चाहे कहो पीतांबर धारी,
चाहे ललित ललाम कहो।।
दोनों श्याम वर्ण में दमके,
दोनों कमल नयन,
दोनों कानन कुंडल शोभित,
दोनों निर्मल मन,
दोनों है आनंद के दाता,
नाम उनका निष्काम कहो।।
कृष्ण कहो या राम कहो,
रघुनंदन घनश्याम कहो
नारायण के रूप है दोनों,
चाहे कोई नाम कहो।।