जगजननी देवि कृपा करो - माता गीत (Jag Janani Devi Kripa Karo Lyrics)
जगजननी देवि कृपा करो
जगजननी देवि कृपा करो
जगजननी देवि कृपा करो
हे मात दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो
मेरे साथ साथ चला करो
मेरे साथ साथ चला करो
हे मात दुर्गे, दया करो
तुम सृष्टि की आधार हो,
तुम चेतना विस्तार हो
अज्ञान का संहार कर,
संहार
कर हर बार कर
मुझ दीन को देखा करो
मुझ दीन को देखा करो
हे मात
दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो ॥
भवसिंधु का भय प्रबल है
आश्रय तुम्हारा अटल है
करुणा की दृष्टि डाल
दो
संकट सकल माँ टाल दो
मुझमें यूँही माँ रहा करो
मुझमें यूँही
माँ रहा करो
हे मात दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो ॥
सम्मान हो अपमान हो
मन में तेरा जयगान हो
अभिमानियों का दम्भ हर
सत
जन कृपा आरम्भ कर
ऐसे ना देरी किया करो
ऐसे ना देरी किया करो
हे
मात दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो ॥
सिंहासिनी जगदम्बिके,
भक्तार्ति-हारिणि शांकरी
चरणों में मुझको स्थान
दो,
बस भक्ति का वरदान दो
अपराध मेरे क्षमा करो
अपराध मेरे क्षमा
करो
हे मात दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो ॥
तुम वेदमाता शारदा,
तुम लक्ष्मी काली कामदा
श्री और वैभव दान दो,
समदृष्टि
शांति व ध्यान दो
मेरे ध्यान में माँ दिखा करो
मेरे ध्यान में माँ दिखा
करो
हे मात दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो ॥
अन्तिम समय जब प्राण हो,
मुख में तुम्हारा नाम हो
तुम पास में बैठी
रहो,
मेरे नाद को सुनती रहो
मुझे अपने धाम लिवा चलो
मुझे अपने धाम
लिवा चलो
हे मात दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो ॥
जगजननी देवि कृपा करो
हे मात दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो
मेरे साथ साथ चला करो
मेरे साथ साथ चला करो
हे मात दुर्गे, दया करो
हे मात दुर्गे, दया करो ॥